Office of the Migration Agents Registration Authority

एजेंट की फ़ीस - Agent fees

अलग-अलग फ़ीस क्यों होती हैं

पंजीकृत माईग्रेशन एजेंटों के लिए जो आचार संहिता है, उसके अंतर्गत, जो फ़ीस आपका एजेंट लेता है (फ़ीस) वह उचित व उपयुक्त होनी चाहिए। आपका एजेंट आपकी परिस्थिति के आधार पर अपनी फ़ीस की राशि तय करेगा।

एजेंटों की फ़ीस अलग-अलग होती हैं और निम्नलिखित पर निर्भर करती हैं:

  • आपका वीज़ा किस प्रकार का है।
  • आपका आवेदन-पत्र तैयार करने में कितना समय लगेगा। कुछ वीज़ा आवेदन-पत्रों को तैयार करने में अन्य आवेदन-पत्रों से अधिक समय लगता है।
  • आपको किस स्तर की सेवा की आवश्यकता है।
  • यदि आपको अतिरिक्त सहायता चाहिए या आपकी परिस्थितियाँ जटिल हैं। उदाहरण के लिए, आपका एजेंट अधिक पैसे ले सकता है यदि आपके आवेदन-पत्र में आप पर आश्रित लोग शामिल किए गए हैं (जैसे कि बच्चे)।
  • आपके एजेंट का अनुभव व योग्यताएँ। यदि आपका एजेंट वकील है या उसे बहुत वर्षों का अनुभव है तो हो सकता है कि उनकी फ़ीस अधिक हो। यदि आपके एजेंट की फ़ीस बहुत अधिक लगती है तो कॉन्ट्रेक्ट पर हस्ताक्षर करने से पहले इस बारे में बात-चीत करें।

विभिन्न एजेंटों से उनकी सेवा व फ़ीस के बारे में बात करके देखें, उसके बाद ही अपने लिए एजेंट चुनें और लिखित कॉन्ट्रेक्ट पर हस्ताक्षर करें।

प्रारम्भिक बात-चीत करने की फ़ीस

इससे पहले कि आप किसी एजेंट के साथ लिखित सेवा समझौता करें, कई एजेंट आपसे आमने-सामने मुलाक़ात करेंगे या टेलिफ़ोन पर आम जानकारी देंगे और आपके सवालों के जवाब देंगे। यह प्रारम्भिक बात-चीत होती है। कई एजेंट यह निः शुल्क करते हैं और कई इसके लिए फ़ीस लेते हैं। जो एजेंट फ़ीस लेते हैं उनके लिए यह अनिवार्य है कि वे आपको पहले से ही लिखित रूप में बताएँ कि मुलाक़ात की कितनी फ़ीस लगेगी (आमने-सामने या टेलिफ़ोन पर)।

सेवाओं व फ़ीस के बारे में समझौता

काम शुररू करने से पहले आपके एजेंट के लिए यह अनिवार्य है कि वह आपको अपनी सेवाओं के ख़र्चे का लिखित अनुमान दे। ख़र्चे के लिखित अनुमान में निम्नलिखित शामिल होगाः

  • व्यवसायिक फ़ीस, या तो घंटे के हिसाब से या पूरी सेवा के लिए।
  • अन्य भुगतान (ये अन्य ख़र्चे हैं जैसे कि वीज़ा के आवेदन-पत्र का ख़र्चा)।

आपको ये वित्तीय शर्तें लिखित रूप में ‘सेवाओं व फ़ीस के बारे में समझौता’ के द्वारा स्वीकार करनी चाहिए। इस समझौते में निम्नलिखित शामिल होना अनिवार्य हैः

  • कौनसी सेवाएँ प्रदान की जाएँगी
  • सेवाओं के लिए फ़ीस (या तो पूरी सेवा के लिए या घंटे के हिसाब से)
  • अन्य भुगतान (आपकी तरफ़ से एजेंट द्वारा किए गए ख़र्चे, जैसे कि वीज़ा के आवेदन-पत्र का ख़र्चा)

जब तक आप सेवाओं व फ़ीस के बारे में समझौते को पढ़, समझ व मान न लें, एजेंट को कोई पैसा न दें।

अग्रिम भुगतान या सेवा पूरी होने पर पैसा देना

कुछ एजेंट आपसे कहेंगे कि आप उनके क्लाईन्ट के अकाऊन्ट में अग्रिम भुगतान कर दें। (नीचे देखें) कुछ उनकी सेवाएँ पूरी होने पर ही पैसे लेते हैं।

आपका एजेंट अपनी फ़ीस ले उससे पहले उसे आपको सेवाओं का लिखित विवरण देना होगा। इस विवरण में निम्नलिखित दिखाना अनिवार्य हैः

  • आपके एजेंट ने आपके लिए जो काम किया है
  • आपका एजेंट कितने और कैसे पैसा लेता है-सेवा के अनुसार या घंटे के अनुसार।

सेवा के विवरण व आपके सेवाओं व फ़ीस के बारे में समझौते को एक समान होना चाहिए।

क्लाईन्ट का अकाउन्ट

यदि आपका एजेंट सेवाएँ पूरी करने से पहले पैसे लेता है तो एजेंट का एक बैंक अकाउन्ट होना चाहिए जिसे ‘क्लाईन्ट का अकाउंट’ कहते हैं। यह अकाउन्ट उनके बिज़नेस या निजी बैंक अकाउन्ट से अलग होना ज़रूरी है।

जब आपका एजेंट सेवाएँ पूरी करने से पहले आपसे पैसे लेता है तो ये आपकी तरफ़ से पैसा संभाल कर रखते हैं। उन के लिए इस पैसे को क्लाईन्ट के अकाउन्ट में जमा कराना अनिवार्य है और वे इस पैसे का उपयोग तभी कर सकते हैं जब आपकी तरफ़ से कोई भुगतान करना हो, जैसे कि वीज़ा के आवेदन-पत्र की फ़ीस।

आपका एजेंट क्लाईन्ट के अकाउन्ट से पैसे केवल अपनी व्यवसायिक फ़ीस के रूप में तभी ले सकता है जब उसने कोई सेवा या काफ़ी बड़ा काम पूरा किया हो व आपको इन सेवाओं के बारे में विवरण दिया हो।

आपकी फ़ीस में बदलाव

यदि आपका एजेंट आपको सेवा प्रदान करने की फ़ीस में कोई भी बदलाव करता है तो एजेंट के लिए अनिवार्य है कि वह बदलाव के बारे में आपको लिखित नोटिस दे। आपके एजेंट को जैसे ही इस बदलाव के बारे में जानकारी मिलती है उसके लिए यह करना आवश्यक है (जैसे कि जब एजेंट ने आपके लिए काम करने की सहमति दी थी उस समय इस अतिरिक्त काम के बारे में एजेंट को मालूम नहीं थ)।

आपके एजेंट को आपके लिए इस प्रकार से काम नहीं करना चाहिए जिससे कि बिना ज़रूरत के काम का ख़र्चा बढ़ जाए, जैसे कि जब आवश्यकता नहीं है तब भी विशेषज्ञों से सलाह लेना।